जय श्री कृष्ण
*****
काम क्रोध मद लोभ की, अति से रहना दूर ।
ध्यान रहे हमको सदा, महाकाल अति क्रूर ।।
~~~
मुरारि पचलंगिया
*****
काम क्रोध मद लोभ की, अति से रहना दूर ।
ध्यान रहे हमको सदा, महाकाल अति क्रूर ।।
~~~
मुरारि पचलंगिया
स्वागत है आपका हमारे इस समूह में आप इसमें गजल शायरी मुक्तक कविता और कहानियां पढ़ सकते हैं और दोस्तों को भेज भी सकते हैं धन्यवाद
Copyright © Sahitay Sewa Manch | Powered by Kavi Nadeem Design by Kavi | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com
0 comments:
Post a Comment