हिंदी साहित्य का आधुनिक काल भारत के इतिहास के बदलते हुए स्वरूप से प्रभावित था। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीयता की भावना का प्रभाव साहित्य में भी आया। भारत में औद्योगीकरण का प्रारंभ होने लगा था। आवागमन के साधनों का विकास हुआ। अंग्रेजी और पाश्चात्य शिक्षा का प्रभाव बढा और जीवन में बदलाव आने लगा।

Sunday, 29 January 2017

Hindi Kavi Ankit Chakrvarti

बूँद बूँद टपकती है प्रेम की भाषा।
दिल से दिल मिलाती है प्रेम की भाषा।
नहीं निकलती वेदों के उपदेशों से,
दिल से ही निकलती है प्रेम की भाषा।।@।। 
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
हिन्दी कवि अंकित चक्रवर्ती
8954702290


https://www.google.co.in/url?sa=t&rct=j&q=&esrc=s&source=web&cd=11&cad=rja&uact=8&ved=0ahUKEwjo-a-Bo-nRAhVMuY8KHTcMC10QtwIIRDAK&url=https%3A%2F%2Fwww.youtube.com%2Fwatch%3Fv%3DQ1AgHzt22NU&usg=AFQjCNE3P3s9OkM7sPjq14pOD5ptH4ZCJQ&sig2=bboZYEZ_Rd6pvWJxfogRQw
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हिन्दी कवि अंकित चक्रवर्ती 8954702290 क्यो रूसी रूसी बैठी गोरी करदे माफ जुदाई से।

क्यो रूसी रूसी बैठी गोरी करदे माफ जुदाई से।
देख मने नाक फुलावे क्यो इतनी छो मे आयी से।।
मर जावे सब तेरे बालो पर ओठ तेर है मोटा रे०००
मर जाता हूं मरजानी जौ होती है लडाई से।।@।।
मने तु अच्छी लागे प्यार का यह है टोटा रे।
मना करेगी मरजानी जहर भरा है लोटा रे।।
मटक के चलती गोरी कराये छुट्टी पढाई से०००
क्यो रूसी रूसी बैठी गोरी करदे माफ जुदाई से।।@।।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
हिन्दी कवि अंकित चक्रवर्ती
8954702290
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Hindi kavi Ankit chakarvarti

तु देती लाख दर्द मुझे पर मै खफा नही होता।
हर चाहत का अंज़ाम हर पल बफा नही होता।।
प्यार झूठा या सच्चा कभी साबित नही होगा.. 
पर यह भी सच है हर प्यार बेबफा नही होता।।@।।
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
हिन्दी कवि अंकित चक्रवर्ती
8954702290
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Hindi kavi Ankit chakarvarti 8954702290

तुम बन जाओ एक कली मै उसका उपवन बन जाऊं।
तेरे प्यार को पाकर के मै प्रेम रतन धन पाऊं।।
लैला मंजनू को भूल कसम खाये लोग हमारी, 
तु ऊर्वशी ख्वाबो की मै पायल की छन बन जाऊं।।
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
हिन्दी कवि अंकित चक्रवर्ती
8954702290
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Hindi Kavi Ankit chakrvarti



इसको कहते है नया
💐💐💐💐💐💐💐💐
मैंने खुद को मरते देखा है।
आ जाओ मेरी चिता पर
मोहब्बत में लगी आग देखने
हां सुनो अपना दुपट्टा लेते आना
आग की ऊँचाई देख ना पाओगी
आंशू मेरे पोछने के काम ना आया
शायद अपने इससे रोक पाओगी
तुम्हारे वादे कितने अजीब होते है।
तुम्हारे तुम्ही को याद दिलाने पड़ते है
कुछ बाते छुपाई थी मैंने तुमसे
तुमने जख्म पर जो मरहम लगाया था।
इस दुनिया के मारे पत्थरो से आया था।
एक नयी जिंदगी मिली थी मुझको
सब कुछ सच बता रहा हूं तुझको
मुझे तुमसे कोई गिला कोई शिकवा नहीं
जो जिंदगी तुमने दी थी तुम्ही ने ले ली।
पर डर है खुदा तुम्हे देख सीख ना ले ले।
जिसको जिंदगी दे उससे भीख ना ले ले।
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