हिंदी साहित्य का आधुनिक काल भारत के इतिहास के बदलते हुए स्वरूप से प्रभावित था। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीयता की भावना का प्रभाव साहित्य में भी आया। भारत में औद्योगीकरण का प्रारंभ होने लगा था। आवागमन के साधनों का विकास हुआ। अंग्रेजी और पाश्चात्य शिक्षा का प्रभाव बढा और जीवन में बदलाव आने लगा।

Friday, 27 July 2018

Gazal by Kavi Nadeem

तुमने कहा है तो, सुना ही दूं
हाल दिल का तुम्हें बता ही दूं

बेनकाब हो जाएगी मोहब्बत
भरी महफ़िल में आज गा ही दूँ

कब तक छुपाउंगा जमाने से
अब चाँद से पर्दा हटा ही दूँ

शौक हैं साहेब, नशा तो नही
दो चार ग़ज़ल और सुना ही दूँ

कोई नही, हम दोनो के सिवा
कहो चरागों को अब बुझा ही दूँ

क्या हुनर क्या तजुर्बा कुछ नही नदीम
अब अधर से अधर को मिला ही दूँ

                   (अधर=होंठ)

कवि नदीम जगदीशपुरी
whatsapp 8795124923


Share:

Tuesday, 17 July 2018

New Gazal by Kavi Nadeem

आँसूओं को थोड़ा सा बहा लेना तुम
अंदर ही अंदर मुस्करा लेना लेना तुम
देखना जब मुझको तुम पहली दफा
अपने दुपट्टे से चेहरा छुपा लेना तुम
न माने दिल गर तो समझाना उसे
कफन चेहरे से मेरे हटा लेना तुम
हो सकता है लौट आऊं तुम्हारे लिए
छूकर उंगलियों को जगा लेना तुम
ले जाने लगें जब जनाजा मेरा
आकरके पास कुछ बता देना तुम
हो जाएगी पूरी तमन्ना नदीम
बस तस्वीर मेरी गले से लगा लेना तुम

कवि नदीम जगदीशपुरी


Share:

Friday, 22 June 2018

New shayri by Kavi Nadeem

अब मोहब्बत में बढी तादाद तेरी है
दुनिया को जरूरत आज तेरी है
गुरूर है उस चाँद को आज भी लेकिन
जुगनुओं से चमचमाती रात तेरी है
कुछ तो खास है गजल ये नदीम
अब औरों से हटकर बात तेरी है

Kavi Nadeem



Share:

Friday, 15 June 2018

EID Mubarakh By Nadeem

खैर बरक़त से जरा हमको तेरा दीद हो जाये
आओगे  मिलने आज तुम उम्मीद हो जाये
निकला है चाँद ये अब तुम भी निकल आओ
आ जाओ अगर छत पर फिर ईद हो जाये

कवि नदीम जगदीशपुरी
8795124923


आप सबको ईद मुबारख


Share:

Saturday, 9 June 2018

Kavi Nadeem New shayri 2018

तेरी आंखों का मैं तो काजल सा हो जाता हूं
बरसूं तेरे प्यार में आकर बादल सा हो जाता हूं
अच्छा भला था पहले यारो अब जाने क्या हो जाता है
देख तुम्हें जब लेता हूं पागल सा हो जाता हूं
      कवि नदीम जगदीशपुरी
        8795124923


Share:

Tuesday, 29 May 2018

Kavi Nadeem Jagdishpuri

मोहब्बत की नई  राग देंगे
सर पर तुम्हारे ताज देंगे
हाथों में रख दो गर हाथ तुम
कसम से उम्र भर साथ देंगे

     कवि नदीम जगदीशपुरी
          8795124923

Share:

Sunday, 27 May 2018

Kavi Nadeem Jagdishpuri

मोहब्बत में औकात उसने की
दिल की बात उसने की
और क्या बताऊँ तुम्हें  यारों
हर बार सुरवात उसने की

  कवि नदीम जगदीशपुरी



Share:

Saturday, 26 May 2018

Mohan Muntazir

मसरूफ़ियत से खुद को अकेला निकालकर
आओ कभी तो वक़्त ज़रा सा निकालकर
क्या थी कमी हमारी मुहब्बत में बेवफ़ा
हमने तो रख दिया था कलेजा निकालकर
मोहन मुन्तज़िर


Image may contain: Mohan Muntazir, smiling, sitting
Share:

Saturday, 19 May 2018

कवि विजय कुमार राज

तुम्हारे बिन न जाने क्यों,ये मेरा दिल तड़पता है।
अगर तुम पास आ जाओ,मेरा मन-तन महकता हैं।
हमारा रिश्ता है कैसा मैं तुमसे कह नहीं सकता।
वहां अंगड़ाई ले लो तुम,यहां ये दिल बहकता है।
Image may contain: 1 person, selfie
Share:

NAZM on Najeeb JNU by Imran Pratapgarhi

कोई ला के दे दे मुझे लाल मेरा
एक नज़्म JNU के नजीब की मॉं के एहसासों की
••••••••••••••••••••••

सुना था कि बेहद सुनहरी है दिल्ली,
समंदर सी ख़ामोश गहरी है दिल्ली !
मगर एक मॉं की सदा सुन ना पाये,
तो लगता है गूँगी है बहरी है दिल्ली !!

वो ऑंखों में अश्कों का दरिया समेटे,
वो उम्मीद का इक नज़रिया समेटे !
यहॉं कह रही है वहॉं कह रही है
तडप करके ये एक मॉं कह रही है !

कोई पूँछता ही नहीं हाल मेरा.....!
कोई ला के दे दे मुझे लाल मेरा...!

उसे ले के वापस चली जाऊँगी मैं,
पलट कर कभी फिर नहीं आऊँगी मैं !
बुढापे का मेरे सहारा वही है,
वो बिछडा तो ज़िन्दा ही मर जाऊँगी मैं !

मेरी चीख़ और मेरी फ़रियाद कहना,
ये मोदी से इक मॉं की रूदाद कहना !

कहीं झूठ की शख़्सियत बह ना जाये,
ये नफ़रत की दीवार छत बह ना जाये !
है इक मॉं के अश्कों का सैलाब साहब,
कहीं आपकी सल्तनत बह ना जाये !!

वो है ज़िन्दगी भर की मेरी कमाई,
वही तो है सदियों का आमाल मेरा....!!

कोई ला के दे दे मुझे लाल मेरा


Image result for imran pratapgarhi
Share:

Saturday, 12 May 2018

munawwar rana

इसी गली में वो भूखा किसान रहता है!
ये वो ज़मीन है जहाँ आसमान रहता है!!

मैं डर रहा हूँ हवा से ये पेड़ गिर न पड़े!
कि इस पे चिडियों का इक ख़ानदान रहता है!!

सड़क पे घूमते पागल की तरह दिल है मेरा!
हमेशा चोट का ताज़ा निशान रहता है !!

तुम्हारे ख़्वाबों से आँखें महकती रहती हैं!
तुम्हारी याद से दिल जाफ़रान रहता है !! (जाफ़रान = केसर )

हमें हरीफ़ों की तादाद क्यों बताते हो! ( हरीफ़ों की तादाद = साथीदारांची संख्या )
हमारे साथ भी बेटा जवान रहता है!!

सजाये जाते हैं मक़तल मेरे लिये ‘राना’! ( मक़तल = कत्तलखाने )
वतन में रोज़ मेरा इम्तहान रहता है!!
Image result for munawwar rana
Share:

मुनव्वर राणा

उन घरों में जहाँ मिट्टी के घड़े रहते हैं!
क़द में छोटे हों मगर लोग बड़े रहते हैं!!

जो भी दौलत थी वो बच्चों के हवाले कर दी!
जब तलक मैं नहीं बैठूँ ये खड़े रहते हैं !!

मैंने फल देख के इन्सानों को पहचाना है!
जो बहुत मीठे हों अंदर से सड़े रहते हैं!!

मुनव्वर राणा .

Share:

Ghazals of Munawwar Rana |

हमारे कुछ गुनाहों की सज़ा भी साथ चलती है !
हम अब तन्हा नहीं चलते दवा भी साथ चलती है!! ( तन्हा=एकटे )

अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कुछ हो नही सकता !
मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है!!

Share:

Ghazals of Munawwar Rana

राना कभी शाहों की ग़ुलामी नहीं करता.........

हम दोनों में आँखें कोई गीली नहीं करता!
ग़म वो नहीं करता है तो मैं भी नहीं करता!!

मौक़ा तो कई बार मिला है मुझे लेकिन!
मैं उससे मुलाक़ात में जल्दी नहीं करता!!

वो मुझसे बिछड़ते हुए रोया नहीं वरना!
दो चार बरस और मैं शादी नहीं करता!!

वो मुझसे बिछड़ने को भी तैयार नहीं है!
लेकिन वो बुज़ुर्गों को ख़फ़ा भी नहीं करता!! ( बुज़ुर्गों = वडिलधारे, ख़फ़ा = नाराज )

ख़ुश रहता है वो अपनी ग़रीबी में हमेशा!
‘राना’ कभी शाहों की ग़ुलामी नहीं करता!! ( शाह = बादशाह )

Share:

Happy Mothers Day

हमारे कुछ गुनाहों की सज़ा भी साथ चलती है
हम अब तन्हा नहीं चलते दवा भी साथ चलती है
अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा
मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है

Happy Mothers Day




Image result for happy mothers day whatsapp status
Share:

Wikipedia

Search results

Popular Posts

Recent Posts

Unordered List

Text Widget

Pages

स्वागत है आपका हमारे इस समूह में आप इसमें गजल शायरी मुक्तक कविता और कहानियां पढ़ सकते हैं और दोस्तों को भेज भी सकते हैं धन्यवाद

Powered by Blogger.
The Magazine

Facebook

https://www.facebook.com/sahityasewamanch/

Contact Form

Name

Email *

Message *

Followers

statistics

Search This Blog

New Shayari

Link list

Translate

Random Posts

Recent Posts

Popular Posts

Text Widget

Copyright © Sahitay Sewa Manch | Powered by Kavi Nadeem Design by Kavi | Blogger Theme by NewBloggerThemes.com